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   कार्य प्रणाली :-

वर्तमान में उपनल शासनादेश संख्या 323/I-3(17)दिनांक 12 जून 2013 के अनुसार कार्य संचालित करता है जो डाउनलोड सेक्शन पर उपलब्ध है । उपनल यद्य​पि राज्य सरकार का सार्वजनिक उपक्रम है लेकिन राज्य सरकार इसके संचालन व्यय में सहायता प्रदान नहीं करती है। उपनल जहाँ एक ओर पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को मुख्यत: रोजगार उपलब्ध कराता है वहीं दूसरी ओर नियोक्ता (Principal Employer) विभाग की आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं को देखते हुये संतुलन भी स्था​पित करता है, अर्थात् उपनल एक आउटसोर्सिग एजेन्सी के रूप में कार्य करते हुये योग्य मानव संसाधन भी उपलब्ध कराता है, चाहे सम्बन्धित कार्मिक की पृष्ठभूमि कुछ भी हो।
1.
उत्तराखण्ड में प्रायोजन व्यवस्था :-
उपनल राज्य सरकार की आउट सोर्सिंग एजेन्सी है, जो कि मुख्य नियोक्ता की मांग पर अभ्यर्थियों को मात्र प्रायोजित करता है। सेवायोजित करते समय अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्रों की जाँंच एवं सेवायोजित करने का दायित्व केवल मुख्य नियोक्ता का होता है। यह धारणा गलत है कि उपनल अभ्यर्थियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति प्रदान करता है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से अभ्यर्थियों की नियुक्ति करना भी केवल विभाग का उत्तरदायित्व होता है।
उप-महाप्रबन्धक उत्तराखण्ड परिक्षेत्र के अधीन प्रायोजन प्रक्रिया हेतु दो क्षेत्रीय परियोजना कार्यालय है, जो कि निम्नवत है :-
              (क) क्षेत्रीय परियोजना कार्यालय गढवाल मण्डल, देहरादून ।
              (ख) क्षेत्रीय परियोजना कार्यालय कुमाऊॅ मण्डल, हल्द्वानी ।
उपनल की प्रायोजन प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट प्र​तिस्पर्धात्मक एवं पारदर्शी बनाये जाने के लिये वर्ष 2011 में प्रायोजन प्रक्रिया बनायी गयी थी, जो कि आ​तिथि तक प्रभावशाली है। इसे औपचारिक रूप देने के लिए नियमावली, उपनल के पत्रांक संख्या 5285/उपनल दिनांक 04 सितम्बर 2014 जो कि शासन की स्वीकृ​ति हेतु प्रेषित की गयी है जिसकी स्वीकृ​ति शासन स्तर से अपेक्षित है।
2.
बाहरी राज्य प्रायोजन व्यवस्था :-
भारत सरकार, भारी उद्योग मंत्रालय, सार्वजनिक उद्यम विभाग के कार्यालय ज्ञापन संख्या 6/22/93-DPE (ST/SC Cell) दिनांक 11 नवम्बर 1994 के द्वारा निर्देशित किया गया है कि समस्त सार्वजनिक उपक्रम अपने संस्थानों की सुरक्षा हेतु सुरक्षाकर्मी सिर्फ रक्षा मंत्रालय, महानिदेशक पुर्नवास, नई दिल्ली (DGR) से पंजीकृत सुरक्षा एजेंन्सियों से प्राप्त करेगे। उपसुल महानिदेशालय पुर्नवास (DGR) से वर्ष 2004 में पंजीकृत हुआ और वर्ष 2007 में उपनल बनने के बाद DGR से दोबारा पंजीकृत हुआ। बाहरी राज्यो में PSUs से सुरक्षा अनुबंध, DGR की गाइडलाइन के अनुसार किये जाते हैं। वर्तमान में, उपनल उत्तराखण्ड से बाहरी राज्यों में लगभग 2965 एवं उत्तराखण्ड राज्य में लगभग 1217 सुरक्षाकर्मी विभिन्न केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को सुरक्षा सेवायें उपलब्ध करा रहा है ।
3.
अनुबन्ध करने का तरीका :-
(क) टेण्डर प्राप्त करने के माध्यम :-
       (i)
इन्टरनेट एवं समाचार पत्र।
       (ii)
मुख्य नियोक्ता द्वारा सीधे उपनल से निविदा आमं​त्रित्त कर।
ख) टेण्डर प्रकिया :-
       (i)
मुख्य नियोक्ता की मॉग एवं शर्तों के अनुसार टेण्डर प्रक्रिया सम्पन्न की जाती है।
(ग) अवार्ड आफ कान्ट्रैक्ट :-
टेण्डर प्रकिया में सफल होने पर मुख्य नियोक्ता द्वारा कान्ट्रैक्ट अवार्ड पत्र जारी किया जाता है।
(घ) एग्रीमेन्ट : :-
       (i)
कान्ट्रैक्ट अवार्ड होने के उपरान्त मुख्य नियोक्ता एवं उपनल के मध्य सौ रुपये के नॉन जूडिशियल स्टाम्प पेपर पर कान्ट्रैक्ट के नियम एवं शर्तो के अनुसार अनुबन्ध किया जाता है।
       (ii)
प्रायोजित कार्मिक एवं उपनल के मध्य सेवा नियमों एवं शर्तो के विषय में अनुबन्ध किया जाता है।

Contact Details (Head Office)Contact Details (RPO Haldwani)
Uttarakhand Purv Sainik Kalyan Nigam Ltd.
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Phone: 0135-2750178, Fax: 0135-2754041, Email: rpo@upnl.co.in, info@upnl.co.in
Uttarakhand Purv Sainik Kalyan Nigam Ltd.
Near Nainital Bank, Pili Kothi, Kaladhungi road, Haldwani Uttarakhand. [PinCode-263139]
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